सिकन्दरपुर (बलिया)। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के साथ ही क्षेत्र में कटान का सिलसिला भी तेज होता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में पुरुषोत्तम पट्टी गांव से निपनिया तक स्थित मौजा दियरा हरनाटर में डेढ़ दर्जन से अधिक किसानों की 30 बीघे से ज्यादा उपजाऊ कृषि भूमि कटान की भेंट चढ़ चुकी है। लगातार हो रहे कटान से प्रभावित किसानों में भय और निराशा का माहौल है।
स्थानीय किसानों के अनुसार नदी का कटान प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत से तैयार उपजाऊ जमीन धीरे-धीरे नदी में समाती जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में नदी इस पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा सकती है।
निपनिया, बिजलीपुर और पुरुषोत्तम पट्टी के किसानों ने प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो न केवल बड़ी मात्रा में कृषि भूमि नष्ट होगी, बल्कि आसपास के गांवों पर भी खतरा मंडराने लगेगा। किसानों ने शासन-प्रशासन से जल्द राहत एवं सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने की अपील की है।
