सिकंदरपुर, बलिया: तहसील क्षेत्र के घाघरा नदी किनारे बसे गांवों में तेजी से हो रहे कटान को लेकर स्थानीय लोगों और किसानों में भारी चिंता व्याप्त है। कटान के चलते किसानों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समाहित हो चुकी है, जिससे आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर को सौंपा। ज्ञापन में कटान प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी रोकथाम के उपाय करने की मांग की गई है।
ज्ञापन के अनुसार खरीद, पुरुषोत्तम पट्टी, जिन्दापुर, बिजलीपुर, निपनिया बहदुरा और असना टुकड़ा नंबर-2 जैसे गांव सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई स्थानों पर घाघरा नदी गांवों के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पूर्व में प्रशासन द्वारा जियो ट्यूब और बोल्डर के माध्यम से कटान रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह भी बह जाने से स्थिति फिर गंभीर हो गई है।
आरोप लगाया गया है कि अन्य क्षेत्रों में कटान रोकने के लिए बजट स्वीकृत किया गया, लेकिन सिकंदरपुर क्षेत्र की अनदेखी की गई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
इसके अलावा खरीद दरौली घाट पर अखिलेश यादव सरकार के समय स्वीकृत पुल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। धन के अभाव में निर्माण रुक जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, सिकंदरपुर चौराहे से देवकली तक की लगभग 6 किलोमीटर सड़क जल निगम द्वारा पाइप लाइन डालने के बाद खोदकर छोड़ दी गई है, जिससे दर्जनों गांवों का आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बरसात से पहले सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि गर्मी के मौसम में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा असमय बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
