बलिया, उत्तर प्रदेश: जिले में प्रशासन और लेखपालों के बीच टकराव अब चरम पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार से लेखपालों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लेखपालों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया।
जनता पर सीधा असर इस हड़ताल से कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं—
आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र
फार्मर रजिस्ट्री
जमीन से जुड़े राजस्व कार्य
आंदोलन की बड़ी वजह तहसील रसड़ा के लेखपाल संघ अध्यक्ष मनीष गौतम का कथित नियम विरुद्ध तबादला इस विवाद की जड़ बन गया है। संघ का आरोप है कि यह ट्रांसफर दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया।
पहले भी दे चुके हैं चेतावनी लेखपालों का कहना है कि उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्पष्ट चेतावनी “जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।”
अब क्या करेगा प्रशासन? सरकारी कामकाज की रीढ़ माने जाने वाले लेखपालों के हड़ताल पर जाने से पूरा सिस्टम प्रभावित होने की आशंका है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस संकट का समाधान कैसे निकालता है।


