गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma के गाजीपुर दौरे के दौरान बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विद्युत वितरण खण्ड जंगीपुर के अंतर्गत महरौर क्षेत्र में किए गए निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पाई गई।
निरीक्षण में क्या मिला?
महरौर-रसड़ा मार्ग पर 11 केवी विद्युत लाइनें निर्धारित ऊंचाई से काफी नीचे लटकती हुई पाई गईं। यह स्थिति आम जनता के लिए जानलेवा खतरा बन सकती थी और विभागीय लापरवाही को उजागर करती है।
मंत्री का सख्त रुख
मौके पर स्थिति देखकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच के बाद बड़ी कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध होने पर:
धर्मेन्द्र पाल (JE, महरौर) — तत्काल निलंबित
मनोज कुमार वर्मा (SDO, कासिमाबाद) — आरोप पत्र जारी
ई. प्रवीण कुमार तिवारी (XEN, जंगीपुर) — चार्जशीट जारी
व्यवस्था पर उठे सवाल
इतने संवेदनशील क्षेत्र में इस स्तर की लापरवाही लंबे समय तक कैसे नजरअंदाज होती रही? क्या नियमित निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है?
कड़ा संदेश
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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यह कार्रवाई संकेत देती है कि अब फील्ड स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सख्ती पूरे प्रदेश में लगातार लागू रहेगी या फिर निरीक्षण तक सीमित रह जाएगी?
