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सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

 



स्कूल, सीएचसी-पीएचसी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
5 करोड़ की लागत के बावजूद अधूरा सीएचसी, डीएम ने लगाई कड़ी फटकार

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें कई विभागों की धीमी कार्यप्रणाली पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।

डीएम ने निर्देश दिए कि जिले में कोई भी स्कूल, सीएचसी और पीएचसी ऐसा न रहे जहां प्रकाश व्यवस्था या पहुंच मार्ग की कमी हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्थानों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

सांसद निधि, विधायक निधि एवं क्रिटिकल कैप्स योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही लंबित टेंडर प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की रैंकिंग पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीएम ने सुधार के कड़े निर्देश दिए। पीएम सूर्य घर योजना, जननी सुरक्षा योजना और पोषण अभियान में जिले की ‘सी’ रैंकिंग पर नाराजगी जताई गई। वहीं फैमिली आईडी में ‘बी’ रैंकिंग को ‘ए’ श्रेणी में लाने का लक्ष्य तय किया गया। सेतु निर्माण में ‘डी’ रैंकिंग को लेकर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्टर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा पुलिस लाइन में 150 पुलिसकर्मियों के लिए बनाए जा रहे हॉस्टल बैरक की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। वहीं उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा सीएचसी मनियर के निर्माण कार्य में देरी पर कड़ी चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि 5.02 करोड़ रुपये की धनराशि मिलने के बावजूद कार्य पूरा न होना गंभीर लापरवाही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले की सभी लंबित योजनाओं की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए, ताकि संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही लापरवाह एजेंसियों पर पेनाल्टी लगाने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की नियमित समीक्षा करने और जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा।

बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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