नई दिल्ली। लोकसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान वर्ष 2025–26 के केंद्रीय बजट में रेल मंत्रालय के अनुदानों की मांगों पर चर्चा के दौरान सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर ने अपने संसदीय क्षेत्र सहित पूर्वांचल की कई महत्वपूर्ण रेल समस्याओं को सदन में प्रमुखता से उठाया।
सांसद ने कहा कि बलिया जनपद ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहां से देश को प्रधानमंत्री भी मिले हैं, लेकिन इसके बावजूद रेल सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि बलिया से दोपहर 2 बजे से रात 2:30 बजे के बीच बड़े शहरों के लिए कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। पहले स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस रात 9 बजे चलती थी, लेकिन समय बदलकर 2:30 बजे कर दिया गया, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हो रही है। उन्होंने इस समयावधि में नई ट्रेन चलाने की मांग की।
सांसद ने वर्ष 2005 में स्वीकृत दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं—बेल्थरा रोड से बकुलहा रेल लाइन और भटनी से हथुआ रेल मार्ग—का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अब तक कार्य पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने इन्हें शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की।
इसके अलावा सांसद ने कई ट्रेनों के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव की मांग रखी। उन्होंने इंटरसिटी एक्सप्रेस (15129/15130) का गोविंदपुर स्टेशन तथा (15131) का कीड़िहरापुर स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की।
साथ ही अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस (19489/19490) का ठहराव सलेमपुर रूट पर कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे गुजरात जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने हावड़ा एक्सप्रेस और गोदान एक्सप्रेस का ठहराव लार रोड स्टेशन पर तथा मौर्य एक्सप्रेस (15027/15028) और झांसी एक्सप्रेस (11123/11124) का ठहराव बनकटा स्टेशन पर कराने की भी मांग की।
इसके अतिरिक्त तरछापार–पटनारी अंडरपास और किरतपुर कुण्डैल ढाला के निर्माण की मांग भी सदन में उठाई गई।
सांसद ने वैशाली एक्सप्रेस को पुनः सुपरफास्ट श्रेणी में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों के पूरा होने से पूर्वांचल, विशेषकर बलिया, देवरिया और आसपास के क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
वहीं सांसद के मीडिया प्रभारी जितेश कुमार वर्मा ने बताया कि सांसद द्वारा लगातार क्षेत्र की रेल समस्याओं को संसद में उठाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराया जा सके।
