सिकंदरपुर (बलिया)।
क्षेत्र में वर्ष 2024–25 के दौरान आए मौथा चक्रवात से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा खेजुरी, विषहर, बाबरपुर, मठिया, लेदुई सहित अन्य गांवों में किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट में आ गए हैं।
बुधवार को प्रभावित किसानों की ओर से उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि फसल क्षति की सूचना पूर्व में ही संबंधित लेखपाल व कानूनगो को दे दी गई थी, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों ने बताया कि खरीफ की फसल नष्ट होने के साथ-साथ आगामी रबी की फसल भी प्रभावित हुई है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों ने प्रशासन से शीघ्र फसल क्षति का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान विवश होकर संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेंगे। ज्ञापन में 5 फरवरी 2026 को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है।
ज्ञापन पर बड़ी संख्या में किसानों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन देने वालों में चंदन सिंह, ताराचंद वर्मा, सुबास सिंह, अरविंद सिंह, नगीना वर्मा, गजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, मनोज गुप्ता सहित कई किसान शामिल रहे। किसानों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र राहत देने की अपील की है।
