लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आम जनता को अब जमीन, दाखिल-खारिज और राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए लेखपालों और तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार तहसील व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद भूमि अभिलेख पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित होंगे। ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से जमीन से संबंधित रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ संभव नहीं होगी, वहीं एआई की मदद से दाखिल-खारिज, वरासत, खतौनी सुधार जैसे मामलों का निस्तारण तेजी से किया जा सकेगा।
सरकार का दावा है कि इस तकनीकी बदलाव से भ्रष्टाचार पर रोक, पारदर्शिता में वृद्धि और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित होंगी। आम नागरिक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे और उनकी स्थिति की ट्रैकिंग भी संभव होगी।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ जिलों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा, जिसके सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश की तहसीलों में विस्तार दिया जाएगा।
डिजिटल यूपी की दिशा में यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और शासन-प्रशासन में तकनीक आधारित सुशासन को मजबूती मिलेगी।
