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45 किमी दूर से अस्पताल पहुंचे मरीज, 10 बजे के बाद आए डाॅक्टर

 

रिपोर्टर:-आलम खान

बलिया। जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत खराब है। अंदाज इसी से लगा सकते है कि जिला अस्पताल की ओपीडी का ताला सुबह नौ बजे तक बंद रहा, जबकि सुबह आठ बजे खुलना चाहिए। 45 किमी दूर से बेहतर इलाज कराने की आस में जिला अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को निराशा हाथ लग रही है।

अस्पताल परिसर के आवास में रहने वाले चिकित्सक 10 बजे के बाद ओपीडी में पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की हालत का अंदाज इसी से लग सकता है। डीएम के लगातार कार्रवाई के बावजूद चिकित्सकों की लापरवाही जारी है।

मंगलवार को जिला अस्पताल में पड़ताल के दौरान सुबह 8.30 बजे तक पर्ची काउंटर पर 36 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो चुका था। वहीं, सभी ओपीडी बंद रही। चिकित्सक के इंतजार में मरीज ओपीडी के बाहर बैठकर व खड़े होकर इंतजार करते रहे। मरीजों में कोई 45 किमी दूर बैरिया से तो कोई 20 किमी दूर पचखोरा से पहुंचा था।
कुछ तो गाजीपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों से आए थे। अधिकतर मरीज दूर के रहे। चिकित्सक समय से दो घंटे बाद ओपीडी में बैठे। सीएमएस खुद सुबह 9.10 बजे पहुंचे, 28 चिकित्सकों में सिर्फ एक डाॅक्टर विनोद कुमार समय से पहुंचकर सीएमएस कक्ष में बैठे मिले। शुगर खाली पेट खून जांच कराने व रेबिज इंजेक्शन लगवाने वाले मरीज भी भटकते मिले।

ठंडी के बावजूद सुबह घर से जल्दी जिला अस्पताल के लिए निकली की चिकित्सक देखने के बाद जांच समय से हो जाएगा। जब ओपीडी नौ बजे खुली और दस बजे तक डाॅक्टर नहीं पहुंचे तो आज जांच भी हो जाए तो मुश्किल है। मंजू मिश्रा, बैरिया।


इलाज के लिए सुबह में अस्पताल आया, यहां डाॅक्टर ही समय से नहीं बैठ रहे हैं। जिलाधिकारी द्वारा पिछले दिनों कार्रवाई के बावजूद इन पर कोई असर नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की हालत बेहद खराब है। मुन्ना शर्मा, सीताकुंड।


गाजीपुर के ढोडाडीह से बेहतर इलाज कराने के लिए परिवार के साथ आया हूं। पैर में दर्द हो रहा है। 9.30 बज गया अभी कोई डाॅक्टर नहीं पहुंचा, यह भी नहीं पता चल रहा कि कब तक आएंगे। - शौकत अली, ढोडाडीह।


चिकित्सक की सलाह पर वाराणसी से जांच कराने के बाद सुबह अस्पताल पहुंचा कि डाॅक्टर को रिर्पोट दिखा दूंगा। दस बजने को है, अब तक ओपीडी में डाॅक्टर नहीं आए, पता चला है कि अभी वह वार्ड का राउंड करने के बाद 11 बजे तक ओपीडी में मरीजों को देखेगें। भोला जी, चोगड़ा।

सुबह आठ बजे तक अस्पताल की व्यवस्था का निरीक्षण करने के एक घंटे बाद फिर से अस्पताल में आ गया था। अन्य चिकित्सक वार्डों में राउंड करने के बाद ओपीडी में बैठे होंगे। ओपीडी नौ बजे तक क्यों बंद रही इसकी जानकारी करता हूं। - डाॅक्टर सुजीत कुमार यादव, सीएमएसम जिला अस्पताल।

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