लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुरुवार से जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी, जिसमें पहली बार लोगों को स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा दी गई है। इससे नागरिक घर बैठे ही ऑनलाइन अपना जनगणना फॉर्म भर सकेंगे।
इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण 11 अंकों की एसई (Self Enumeration) आईडी होगी, जो ‘H’ अक्षर से शुरू होगी। यह कोई ओटीपी नहीं बल्कि आपके द्वारा दी गई जानकारी के सत्यापन की मुख्य कुंजी होगी, इसलिए इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
स्वगणना की तारीख और प्रक्रिया
- स्वगणना का विकल्प 7 मई से 21 मई तक उपलब्ध रहेगा।
- जो लोग इस अवधि में फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनके लिए 22 मई से गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
ऑनलाइन पंजीकरण के लिए नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल
सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल
पर जाकर मोबाइल नंबर और नाम से रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद:
- भाषा चयन
- ओटीपी सत्यापन
- पता दर्ज कर मैप पर घर चिन्हित करना
- 33 सवालों की प्रश्नावली भरना
फॉर्म सबमिट करने पर एसई आईडी प्राप्त होगी।
महत्वपूर्ण सावधानियां
- एसई आईडी केवल अधिकृत गणनाकर्मी से ही साझा करें
- गणनाकर्मी का पहचान पत्र जरूर जांचें
- किसी भी स्थिति में बैंक डिटेल, आधार नंबर या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें
दो चरणों में होगी जनगणना
- पहला चरण: हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना
- घर की स्थिति, सुविधाएं और संपत्तियों की जानकारी
- दूसरा चरण (फरवरी 2027):
- जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार, जाति, प्रवासन आदि से जुड़े आंकड़े
क्या है खास इस बार?
- डिजिटल डाटा कलेक्शन
- स्वगणना पोर्टल
- जातिगत गणना
- डिजिटल मैपिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग
- मजबूत साइबर सुरक्षा और एन्क्रिप्शन
प्रशासन की अपील
जनगणना निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि सभी नागरिक इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। यह किसी की नागरिकता का प्रमाण नहीं बल्कि विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है।
सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रखी जाएगी।
