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जाको राखे साइयां मार सके ना कोई-तहसील सिकन्दरपुर ग्राम -डूहा बिहारा

 जाको राखे साइयां मार सके ना कोई-तहसील सिकन्दरपुर ग्राम- डूहा बिहारा



तहसील सिकन्दरपुर क्षेत्र के डूहा बिहारा गांव में पति के निधन के वियोग में नदी में कूदी 56 वर्षीय महिला घटनास्थल से करीब लगभग 90 किलोमीटर दूर माझी में सही सलामत मिल गई है, जिससे परिवार वालों में हर्ष सहित शोक है। वहीं पास पड़ोस के गांवों के निवासी आश्चर्यचकित हैं। परिवारीजनों में हर्ष इस लिए है कि वह सही सलामत वापस घर आ गई हैं।जबकि शोक का कारण यह है कि उनके पति विशेष सिंह का निधन हो गया है। कौतुहल वश महिला को देखने के लिए उसके घर लोगों के आने जाने का क्रम सुबह से ही लगा हुआ है। 

डूहा बिहारा निवासी विशेष सिंह (62 वर्ष) की बीमारी के कारण शुक्रवार की रात में करीब एक बजे निधन हो गया था। उनके निधन से उनकी पत्नी 56 वर्षीय राजकुमारी सिंह मर्माहत हो गईं। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही राजकुमारी सिंह भी विलाप करने लगीं। उसी दौरान उन्होंने सोचा कि पति तो छोड़ कर चले गए अब किस के सहारे आगे का जीवन गुजारूंगी। भविष्य की तरह तरह की बातें सोचते हुए अचानक उन्होंने रोना बन्द कर दिया इस दौरान खुद को भी समाप्त करने की बात सोच कर वह अपना सिंघोरा ले कर 2 बजे रात में चुपके से घर से निकल गईं।घर से निकल राजकुमारी सीधे गांव के छठ घाट पर पहुंचीं और सिंघोरा नदी किनारे रख कर नदी में कूद गईं। उसके बाद किया हुआ उन्हें कुछ भी पता नहीं है। राजकुमारी सिंह उफनाई सरयु नदी के जल धारा के साथ बहती हुई दूसरे दिन शनिवार को अपरान्ह बिहार के करीब माझी में जा कर नदी किनारे लगीं।

इस दौरान नदी किनारे मौजूद मल्लाहों ने जीवित होने का लक्षण देख कर राजकुमारी सिंह को नदी से बाहर निकाला।नदी से निकलने के बाद मल्लाहों के प्रयास से होश आने पर राजकुमारी ने रात की दास्तान के बारे में उन्हें पूरी जानकारी दिया। बाद में मल्लाहों ने टेलीफोन द्वारा उन के घर इस बाबत सूचना दी गई।जिस पर परिवार और गांव के कुछ लोग रात में ही मांझी पहुंच कर करीब 12 बजे राजकुमारी सिंह को घर लाये।प्रभु की लीला अप्ररम पार है।

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