रिपोर्टर:-नईमुद्दीन खान
एसपी डॉ. ईरज राजा की पहल, शिकायतों की जांच के लिए तय की गई 15 दिन की समयसीमा
बलिया। जनपद में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, सरकारी एवं निजी भर्तियों में काम कराने के नाम पर धोखाधड़ी और संगठित आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने एंटी फ्रॉड सेल का गठन किया है। इस पहल के तहत ठगी से संबंधित शिकायतों की निगरानी, जांच की समीक्षा और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, जनपद में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठने तथा सरकारी और निजी भर्तियों में चयन या अन्य कार्य कराने के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसी घटनाओं से आम जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास भी प्रभावित होता है। इसी को देखते हुए शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष सेल बनाया गया है।
चार अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
एंटी फ्रॉड सेल में निम्नलिखित अधिकारियों को नियुक्त किया गया है—
- अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, बलिया — नोडल अधिकारी
- अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी, बलिया — सदस्य
- क्षेत्राधिकारी नगर, बलिया — सदस्य
- प्रभारी डीसीआरबी, बलिया — सदस्य
15 दिन में जांच पूरी करने का लक्ष्य
निर्देशों के अनुसार, नौकरी के नाम पर ठगी, सरकारी या निजी भर्ती में काम कराने के नाम पर धोखाधड़ी तथा पांच लाख रुपये से अधिक की संपत्ति से संबंधित संगठित ठगी सहित निर्धारित श्रेणियों की शिकायतों को अलग से चिह्नित कर उनकी समीक्षा की जाएगी।
सभी थाना प्रभारियों को ऐसी शिकायतें एंटी फ्रॉड सेल को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त प्रार्थना पत्रों को रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित क्षेत्राधिकारी को जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संयुक्त निदेशक अभियोजन से विधिक राय भी ली जाएगी।
शिकायतों की जांच पूरी करने के लिए अधिकतम 15 दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है। सेल प्रत्येक सप्ताह बैठक कर मामलों की प्रगति की समीक्षा करेगा। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
एसपी ने दिए गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने निर्देश दिया है कि एंटी फ्रॉड सेल से संबंधित सभी आदेशों का निष्ठा और गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों की गुणवत्ता की जांच, नियमित निगरानी और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई के माध्यम से इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा।
एंटी फ्रॉड सेल के गठन से नौकरी के नाम पर ठगी के शिकार लोगों की शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से जांचने और उन पर कार्रवाई की निगरानी करने की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
